आगरा में 26 साल पुराना रिकार्ड चंबल नदी के जलस्तर ने गुरुवार सुबह तोड़ा, 135.80 मीटर हुआ जलस्तर

उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिले सूखे से जूझ रहे हैं, वहीं यूपी की सीमा पर बह रही चंबल नदी उफान पर है। चंबल नदी के जलस्तर ने 26 साल पुराना रिकार्ड गुरुवार सुबह तोड़ दिया है। धाैलपुर में चंबल खतरे के निशान से 15 मीटर ऊपर 146 मीटर पर बह रही है। नदी किनारे बसे गांवाें में बाढ़ का पानी घुस चुका है। सेना और एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं और आबादी वाले इलाकाें में राहत कार्य में जुटी हैं। गांवाें से लोगाें का पलायन जारी है। धौलपुर जिले के निचले इलाके में बसे 125 गांवों में पानी पहुंच चुका है।

पिछले एक सप्ताह से मध्यप्रदेश और राजस्थान में लगातार बारिश हो रही है और बांधाें से चंबल नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। हाडोती में अधिक वर्षा होने के कारण कोटा बांध जैसे कई बांधाें के फाटक खाेल दिए गए हैं। धाैलपुर में बुधवार रात को चंबल नदी में पानी की जो आवक हुई, उसने 26 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सन 1996 में भी धौलपुर में बाढ़ आयी थी और नदी के पानी ने किसानों की फसल में तबाही मचा दी थी।

गुरुवार सुबह 146 मीटर के पार जलस्तर

सन 1996 में जलस्तर 143.54 मीटर था लेकिन इस बार जलस्तर 146 मीटर को भी पार कर चुका है। चंबल नदी के किनारे बसे गांवों में गुरुवार सुबह बाढ़ ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। वहीं पशु और जीवो को लिए बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इधर जिला प्रशासन ने पूरे जिले में चंबल नदी के किनारे बसे गांव को लेकर हाई अलर्ट कर रखा है।