एएसआई के रिटायर्ड डिप्टी सुप्रियटेंडेंट बोले ताजमहल के नीचे कमरे बने ही नहीं तो लोग ये गिनती कहां से लेकर आ रहे हैं

आगरा. ताजमहल तेजो महल या फिर शिव मंदिर, इसे लेकर बार—बार कुछ लोगों द्वारा मांग उठाई जाती है. इस बार अयोध्या के एक भाजपा कार्यकर्ता ने ताजमहल के नीचे 22 कमरे होने का दावा करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका को दाखिल किया थ्ज्ञा. हालांकि उच्च न्यायालय ने याची भाजपा कार्यकर्ता की याचिका को खारिज करते हुए फटकार भी लगाई. कोर्ट ने अपना फैसना सुना दिया है  अब ताजमहल के नीचे कमरे हैं या नहीं, इसकी हकीकत से आपको रूबरू कराने जा रहा है ताजमहल में कई सालों तक संरक्षण कराने वाले रिटायर्ड डिप्टी सुप्रियटेंडेंट, इंजीनियरिंग एएसआई और ताजमहल के इंचार्ज रहे एमसी शर्मा से खास बात की, उन्होंने कहा कि ताजमहल के नीचे कोई कमरे नहीं, सिर्फ पिलर बने हुए हैं, जो इंडो—इस्लामिक कल्चरण को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा कि जब कमरें बने ही नहीं तो लोग ये गिनती कहां से लेकर आ रहे हैं. पेश है उनसे बातचीत के कुछ खास अंश…

सवाल: क्या ताजमहल के नीचे कमरे बने हैं

जवाब: किसने कहा, मैं तो कई सालों तक ताजमहल का इंचार्ज रहा हूं, जिन कमरों की बात की जा रही हैं, वहां पर मरम्मत का काम भी करवाया है. मुझे तो कमरे कहीं दिखे नहीं. हां पिलर जरूर बने हैं. हां… ककैया ईंट और खंडों से तीन—तीन मीटर चौड़े पिलर जरूर बनें हैं. ये एक गैलरीनुमा है. कमरा तो एक भी नहीं.

सवाल: भाजपा नेता और याचिकाकर्ता ने 22 कमरों को खोलने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. इस पर आप क्या कहेंगे? जवाब: जब कमरे है ही नहीं तो इन लोगों ने गिनती कैसे और कहां से कर ली. ये सब सुर्खियां बटोरने के अलावा कुछ नहीं.

सवाल: जब लोगों द्वारा लगातार मांग की जा रही है तो नीचे के हिस्से को खोल क्यों नहीं देते?
जवाब: किसने मना किया है. जब भी जरूरत होती है, उसे हिस्से को खोला जाता है. कई बार आईआईटी रुडकी और सीबीआरआई ने यहां का निरीक्षण कर ताजमहल की मजबूती के बारे में पता किया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कई बार मरम्मत का काम भी हुआ है. मैंने खुद कराया है. हर रोज दर्जनों मजूदर अंदर जाते थे.

सवाल: तो फिर नीचे के हिस्से को पर्यटकों के देखने के लिए क्यों नहीं खोल देते?
जवाब: अरे…. हर आदमी के कहने से ताजमहल के भवनों को नहीं खोला जा सकता. कुछ सुरक्षा की दष्टि से बंद कर दिए जाते हैं. ताजमहल की बुर्जी भी नीचे बंद हैं. कई बार लोग गिरे हैं और गिरकर मरे भी हैं.

सवाल: कब—कब नीचे के हिस्से को खोला जाता है?

जवाब: जब कोई टीम निरीक्षण करने आती है. जब मरम्मत का काम चलता है. आपको बता दूं हर बारिश के बाद इमारतों को साफ किया जाता है. इसलिए इस हिस्से को भी खोला जाता है.

सवाल: क्या एएसआई इन जगहों को न खोलकर मनमानी करती है?

जवाब: नहीं! एएसआई पर इन विश्वविख्यात इमारतों को सहेजने की जिम्मेदारी है. अगर कुछ लोगों के कहने से ही एएसआई करती रही तो इन इमारतों को बचा पाना मुश्किल हो जाएगा. अगर ऐसा करेंगे तो एक दिन हमारे पास एक भी इमारत नहीं बचेगी.