जहरीली शराब, बिहार ही नहीं यहां भी ले चुकी है जान, अब फिर जारी किया गया अलर्ट

बिहार में जहरीली शराब से 70 से अधिक लोगों की जान चली गई। आगरा जिले में पिछले साल ही 18 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने ठेका संचालक, सेल्समैन और अन्य को जेल भेजा था। अब फिर से पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। पुलिस आयुक्त ने सभी थाना प्रभारियों को सचेत करते हुए अवैध और नकली शराब बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अगस्त 2021 में रक्षाबंधन के पर्व पर जहरीली शराब से मौतें हुई थीं। ताजगंज थाना क्षेत्र के नगला देवरी में चार, डौकी थाना क्षेत्र के गांव कौलारा कलां में तीन, करकुला में एक, शमसाबाद और इरादतनगर में 10 लोगों की मौत हुई थी। पहले पुलिस सामान्य मौत मान रही थी। एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने विसरा की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला में कराई तो जहरीली शराब से मौत की पुष्टि हुई थी।

पुलिस ने आठ से अधिक मुकदमे दर्ज कर 10 से अधिक लोगों को जेल भेजा था। जहरीली शराब की बिक्री ठेकों से भी हुई थी। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। इससे पहले खंदौली और एत्मादपुर में भी जहरीली शराब से जान जा चुकी थी। बिहार की ताजा घटना के बाद पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने गांव-गांव चेकिंग, अवैध और नकली शराब बेचने, बनाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जहरीली शराब बेचने में आरोपी हेमंत ठाकुर और उसकी पत्नी मनोरमा देवी के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी। 10 दिसंबर को दोनों की 91 लाख रुपये की संपत्ति जब्त हुई।
जहरीली शराब की जांच में पुलिस को पता चला था कि ठेके से गांव तक शराब बेचा और तैयार किया जा रहा था। हरियाणा से लाकर भी नशे की मात्रा बढ़ाई जा रही थी। कम कीमत में शराब की बोतल मिलने से लोग खरीद रहे थे।