आगरा के बालूगंज क्षेत्र में वेल्डिंग का काम करने वाले नदीम कुरैशी ने कबाड़ से बनाई ई-बाइक

लॉकडाउन में घर पर खाली बैठने के समय इंटरनेट पर ई-बाइक की तस्वीर देखकर वेल्डिंग का काम करने वाले ने दो ई-बाइक और 1 साइकिल बनाई है। दुकान के बाहर से निकलते लोग बाइक देखकर खुद ही रुक जाते हैं। दो दिन पहले एक रिश्तेदार ने जरूरत बताकर बाइक मांगी और अपने नाम से मीडिया में प्रमोशन कर दिया। मामले की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।

बता दें की आगरा के बालूगंज क्षेत्र में एसएसपी आवास के पास वेल्डिंग का काम करने वाले नदीम कुरैशी अपनी कलाकारी के लिए जाने जाते हैं। झूले, सीढ़ियों पर चढ़ने वाली व्हील चेयर शादी समारोह में इस्तेमाल होने वाले जयमाला के घूमने वाले स्टेज आदि चीजें बनाना इन्हें बहुत पसंद है।

नदीम कुरैशी के अनुसार उनकी प्राथमिक शिक्षा ही हुई है। लाकडॉउन में उन्होंने इंटरनेट पर ई-बाइक और मोटे टायर वाली साइकिल देखी। दुकान खुलते ही उन्होंने सबसे पहले कबाड़ से पुरानी साइकिल का फ्रेम खरीदा और उसे मोडिफाई करते हुए उसमें कार के पहिए लगाए। हैंडल ऊंचा और बैठने की कंफर्टेबल व्यवस्था के बाद उन्होंने साइकिल इस्तेमाल करना शुरू किया।

परिवार के लिए बनाई बाइक
साइकिल बनाने के बाद वो अपनी बेटी और परिवार को उस पर नहीं घुमा पा रहे थे। इसलिए उन्होंने ई-बाइक बनाना शुरू किया। साइकिल का हैंडल और लोहे के पाइपों और टीन से बाइक की बॉडी तैयार की। पुरानी लूना के पार्ट्स और पहिये इस्तेमाल किए। मनचाहे डिजाइन की दो अलग-अलग बॉडी तैयार करने के बाद उनके पिछले पहिए पर मोटर लगाई।

बीच में 12 वाल्ट की चार बैटरियां लगाई। बाइक रात में भी चल सकें इसलिए उसमें इंडिकेटर और हेडलाइट भी लगाई। 1 पेट्रोल बाइक के जैसी सभी सुविधाएं देने के बाद दोनों ई-बाइक को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। नदीम अकेले घूमने के लिए राकेट की शक्ल की सिंगल सीटर और परिवार के साथ के लिए लूना के लुक की बाइक को इस्तेमाल करते हैं।

300 किलो तक का वजन आसानी से संभालती है बाइक

नदीम ने बताया की ई-बाइक बनाने में 30 हजार रुपये खर्च हुए हैं। चार्जिंग में 5 से 6 घंटे का समय लेती हैं। इसके बाद आराम से 50 किमी चलती हैं। बाइक की मैक्सिमम स्पीड 35 किमी है। 3 लोग आराम से बैठकर सफर कर सकते हैं।

रिश्तेदार ने दिया धोखा
नदीम के अनुसार पूरा क्षेत्र जनता है गाड़ी मैंने बनाई है। गाड़ी तैयार करते समय के फोटो और वीडियो मेरे पास हैं। दुकान के बैनर में गाड़ियों की फोटो है और गाड़ी की फ्रंट प्लेट पर भी उनका नाम लिखा हुआ है।

मंगलवार को मेरा एक रिश्ते का भाई पठान कुरैशी उनसे बाइक मांग कर ले गया और मीडियाकर्मियों को खुद के द्वारा गाड़ी बनाने की बात बता कर झूठी प्रसिद्धि ले ली। बतौर नदीम अब जल्द वो बड़ी इ – बाइक बनाने जा रहे हैं जो रेसिंग बाइक की तरह होगी।