आगरा के निकाय चुनावों को लेकर सपा में मेयर और पार्षद की लम्बी लाइन

निकाय चुनावों को लेकर सपा में तैयारियां तेज हो गई हैं। मैनपुरी उप चुनावों में डिम्पल यादव को मिली रिकॉर्ड जीत के बाद सपाई उत्साहित हैं। वहीं खतौली में गठबंधन की जीत को लेकर चर्चाएं हैं कि निकाय चुनावों पर इसका असर दिखेगा। मेयर की टिकट के लिए सपा में अब तक 12 आवेदन आ चुके हैं। सभी आवेदनों को एकत्र कर महानगर कमेटी पार्टी हाईकमान को भेजेगी। पार्षद की टिकट के लेने के लिए अब तक 730 से अधिक आवेदन आए हैं। सपा से निकाय चुनाव लड़ने के लिए इस बार पार्टीजनों में उत्साह नजर आ रहा है। दावेदारों के बीच चर्चाएं हैं कि सपा का अन्य दलों के साथ महागठबंधन हुआ तो निकाय चुनाव में ताकत बढ़ जाएगी। रालोद एवं अन्य सहयोगी दलों के साथ गठबंधन के प्रत्याशी विरोध दलों पर भारी पडेंगे।

विरोधी दल की सेंधमारी से सावधान सपा

महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार ने कहा है कि जब विरोधी दलों पर दावेदार नहीं होते तो वह सपा में सेंध लगाने लगाती है। पिछले दो बार के विधान सभा चुनावों भी यह देखने को मिला था। अभी तक मेयर टिकट के लिए पार्टी में एक दर्जन दावेदारों के आवेदन आए हैं। इन नामों को गोपनीय रखा गया है। कई और लोग भी टिकट मांग रहे हैं, ये चेहरे समाजसेवी हैं और सपा से चुनाव लड़ना चाहते हैं। पार्षद की टिकट के लिए हर वार्ड में 8 से ़10 लोग दावेदारी कर रहे हैं। मजबूत और साफ छवि के व्यक्ति को चुनाव लड़ाया जाएगा।

परिसीमन और आरक्षण से बदले समीकरण

इस बार आगरा के 100 वार्डों में से करीब 30 वार्ड ऐसे हैं, जहां नए परिसीमन से जातिगत वोटों के आंकड़े बदल गए हैं। वार्ड आरक्षण से भी इस बार हार-जीत के समीकरण बदलेंगे। कई वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित होने के बाद वहां पार्षद की टिकट के लिए दावेदारों की संख्या पहले के मुकाबले दो गुनी हो गई है।