आगरा में लोग लिवर संबंधी बीमारी के हो रहे हैं शिकार, तमाम मरीज जांचें कराने गैस्ट्रो लिवर सेंटर पहुंच रहे हैं

आगरा में लोग लिवर संबंधी जिन समस्याओं के शिकार हो रहे हैं, लिवर एब्सेस उनमें सबसे प्रमुख है। आगरा गैस्ट्रो सेंटर के मुताबिक कई मामले ऐसे भी आए हैं जिनमें लोगों के लिवर में पस पड़ गया और सर्जरी की नौबत तक आ गई। ऐसे में चिकित्सकों ने मामूली लगने वाली पेट की समस्याओं को भी नजर अंदाज न करने और विशेषज्ञों से परामर्श की सलाह दी है।

वरिष्ठ गैस्ट्रोएंट्रोलाॅजिस्ट डाॅ. पंकज कौशिक ने बताया कि पिछले महीने अस्पताल में आए तमाम मरीजों में पेट से जुड़ी विभिन्न समस्याएं थीं और अल्ट्रासाउंड व संबंधित जांचें कराने पर लिवर एब्सेस की शिकायत सामने आई। कोरोना से स्वस्थ हुए मरीजों में भी यह समस्या सामने आ रही है।

डाॅ. कौशिक ने बताया कि लिवर में पस से भरा हुआ फोड़ा आम तौर पर एंटअमीबा हिस्टोलिटिका नामक परजीवी के कारण होता है जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है। यह एक खास तरह का जख्म होता है जिसमें पस पड़ने लगता है। अगर समय पर सही इलाज न कराया जाए तो यह फोड़ा फूट सकता है और इससे निकलने वाली गंदगी रक्त प्रवाह के जरिए शरीर के दूसरे अंगों तक पहुंचकर उन्हें भी संक्रमित कर सकती है।

अगर जैविक कारणों की बात करें तो आम तौर पर इसके लिए प्रोटोजोआ प्रजाति के परजीवी कीटाणु को जिम्मेदार माना जाता है। ऐसी समस्या को एमेबिक लिवर एब्सेस भी कहा जाता है। बैक्टीरिया या वायरस की वजह से भी यह बीमारी हो सकती है। परजीवी दूषित भोजन या पानी की वजह से भी फैलता है।