First CP of Agra: IPS अधिकारी डॉ. प्रीतिंदर सिंह का ताजनगरी से रहा है पुराना नाता, 2015 में रह चुके हैं एसएसपी

डॉ. प्रीतिंदर सिंह वर्ष 2004 बैच के आईपीएस हैं। पंजाब के रहने वाले हैं। उन्होंने पटियाला गवर्नमेंट कालेज से एमबीबीएस किया है। वह आईपीएस बनने के बाद सबसे पहले आगरा में ही एएसपी रहे थे। इसके बाद लखनऊ, सोनभद्र, ललितपुर, बागपत, सीतापुर, गौतमबुद्ध नगर समेत कई जिलों में एसपी और एसएसपी रहे।

पहले पुलिस कमिश्नर बने डॉ. प्रीतिंदर सिंह का ताजनगरी से पुराना नाता रहा है। वह शहर से लेकर देहात तक के चप्पे चप्पे से वाकिफ हैं। वर्ष 2015 में आगरा में पुलिस कप्तान बनने के बाद ट्रिपल ट्री का फार्मूला लेकर आए थे। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में टूरिस्ट, टूरिज्म और ट्रैफिक को रखा था। अपराधियों पर नकेल कसने से लेकर पुलिस में सुधार की खूब कवायद की थी। जनता से सीधा संवाद करके दिलों में जगह बनाई थी।

डॉ. प्रीतिंदर सिंह वर्ष 2004 बैच के आईपीएस हैं। पंजाब के रहने वाले हैं। उन्होंने पटियाला गवर्नमेंट कालेज से एमबीबीएस किया है। वह आईपीएस बनने के बाद सबसे पहले आगरा में ही एएसपी रहे थे। इसके बाद लखनऊ, सोनभद्र, ललितपुर, बागपत, सीतापुर, गौतमबुद्ध नगर समेत कई जिलों में एसपी और एसएसपी रहे। उन्होंने आगरा एसएसपी का चार्ज 22 सितंबर 2015 को लिया था। इससे पहले वो नोएडा एसएसपी थे। तब राजेश डी मोदक का तबादला हुआ था। उन्होंने टूरिस्ट, ट्रैफिक और टूरिज्म पर फोकस किया था। पर्यटन नगरी होने की वजह से आगरा में पर्यटकों की  सुरक्षा पर जोर दिया था। इसके साथ ट्रैफिक समस्या को दूर कराया था। उनके कार्यकाल में कई बड़ी घटनाएं हुईं थीं। उन्होंने अपराध और अपराधियों पर कार्रवाई के लिए थाना पुलिस को निर्देशित करते थे।

जनता से करते थे सीधा संवाद
आगरा के पुलिस कमिश्नर बनाए गए डॉ. प्रीतिंदर सिंह जनता से सीधा संवाद करते थे। उनकी समस्याओं को सुनने के साथ निस्तारण भी तत्काल कराते थे। वह शिकायत मिलने पर पीड़ित के सामने ही थाना प्रभारी से बात करते थे। दिशानिर्देश जारी करते थे। इस वजह से जनता आज भी उनको याद करती है।

आगरा की गलियों में दौड़ाते थे साइकिल
आगरा में एसएसपी रहने के दौरान डॉ. प्रीतिंदर सिंह साइकिल लेकर निकल जाते थे। इससे वह पुलिसिंग की सीधी जानकारी लेते थे। वह अगारा की गलियों से पूरी तरह वाकिफ हैं।

कागज कारोबारी के बेटे को कराया था मुक्त
मार्च 2016 में मदिया कटरा से पेपर कारोबारी के बेटे का अपहरण हुआ था। तब एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ही थे। उन्होंने कारोबारी के बेटे को सकुशल बरामद कराया था, बल्कि आरोपियों को भी पकड़ लिया था। इस घटना की गूंज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक पहुंची थी। यह मामला काफी चर्चा में रहा था। इसके अलावा एत्मादपुर क्षेत्र से होटल व्यवसायी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आरोपियों की धरपकड़ कराई थी। सिकंदरा में अवैध असलाह की फैक्टरी पकड़ी गई थी। यह मामला भी काफी चर्चा में रहा था।

सीतापुर में पीएसी सेनानायक बने एसएसपी प्रभाकर चौधरी
पुलिस कमिश्नरेट बनने के बाद एसएसपी प्रभाकर चौधरी की नई तैनाती को लेकर कयास लगा जा रहे थे। पुलिस कमिश्नर पर डॉ. प्रीतिंदर सिंह के नाम की घोषणा के साथ प्रभाकर चौधरी का तबादला सीतापुर में सेनानायक, 11वीं पीएसी वाहिनी में किया गया है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने अपने कार्यकाल में कई बड़ी घटनाओं का खुलासा किया। हाल ही में शाहगंज क्षेत्र से अपहृत बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया था। मोबिल आयल माफिया की संपत्ति कुर्क भी करने की कार्रवाई कराई थी।