आगरा विकास प्राधिकरण एडीए के पूर्व उपाध्यक्ष डा. राजेंद्र पेंसिया ने डेढ़ साल में कमाए 100 करोड़, लोकायुक्त ने दिए जांच के आदेश

आगरा, उत्तर प्रदेश में आगरा विकास प्राधिकरण: (एडीए) के पूर्व उपाध्यक्ष डा. राजेंद्र पेंसिया के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में लोकायुक्त (प्रशासन) अनिल कुमार सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। डॉ. पैंसिया पर आरोप है कि उन्होंने प्राधिकरण में डेढ़ साल की तैनाती के दौरान लगभग सौ करोड़ रुपये की हेराफेरी की। शहर के खंदारी क्षेत्र निवासी हीरालाल अग्रवाल ने इसकी शिकायत की थी। सुबूत भी उपलब्ध कराये थे। जिस पर लोकायुक्त द्वारा मंडलायुक्त अमित गुप्ता की निगरानी में दो सदस्यीय कमेटी गठित की है। डा पैंसिया वर्तमान में लखनऊ में विशेष सचिव नगर विकास हैं।

डा. पैंसिया के आदेश पर डेढ़ माह पूर्व खंदारी निवासी हीरालाल अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। हीरालाल पर फर्जी भूखंड के आवंटन में हाथ होने के आरोप हैं। इसके बाद हीरालाल ने लोकायुक्त से डा. पैंसिया के खिलाफ शिकायत की। लोकायुक्त ने अपर मुख्य सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन से हीरालाल के खिलाफ भी रिपोर्ट मांगी है।

हीरालाल की शिकायत में आरोप है कि एडीए में भूखंडों की आनलाइन नीलामी में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी हुई है। नियम और शर्तों में बदलाव किए गए। कई बार वेबसाइट से छेड़छाड़ भी की गई। साफ्टवेयर के निर्माण के नाम पर 80 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।

शिकायत के मुताबिक ताजनगरी सहित कई अन्य आवासीय योजनाओं के भूखंडों में ब्याज माफी के नाम पर खेल हुआ। यह भूखंड एक से दो करोड़ रुपये से अधिक के हैं। इसमें 40 लाख रुपये से अधिक का ब्याज माफ किया गया।

आरोप है कि एडीए कार्यालय सहित कई अन्य योजनाओं में सरकारी धन की बर्बाद की गई है। यह धनराशि करोड़ों रुपये में है। सिविल कार्य हों या फिर विद्युत के कार्य, इन दोनों कार्यों के टेंडरों में खेल किया गया। इससे करोड़ों रुपये कमाए गए।

इस बारे में मंडलायुक्त अमित गुप्ता का कहना है कि डा. पैंसिया के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच करने के लिये लोकायुक्त के आदेश मिल गए हैं। लोकायुक्त ने हीरालाल के खिलाफ भी जांच के लिए कहा है। डा. पैंसिया ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “लोकायुक्त के आदेश पर जांच हो रही है। मैंने ईमानदारी पूर्वक काम किया है। जांच में पूरा सहयोग करूंगा।”