आगरा यूनिवर्सिटी में दो दिन पहले सीसीटीवी कैमरे बंद करने पर जुर्माना, 21 कॉलेजों पर 20-20 हजार का जुर्माना लगाया

डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी में दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में विश्वविद्यालय नकल रोकने की कवायद कर रहा है। उन कॉलेजों को केंद्र बनाया गया है, जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। मगर, इसके बाद भी नकल माफिया विश्वविद्यालय पर हावी पड़ रहे हैं। वो उन्हें सीसीटीवी का लिंक नहीं दे रहे हैं। ऐसे केंद्रों पर विश्वविद्यालय ने जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय के इस निर्णय पर डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (औटा) ने सवाल खडे़ किए हैं। उन्होंने जुर्माना के विकल्प देकर नकल को लीगलाइज करने का आरोप लगाया है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं 13 अगस्त से चल रही हैं। औटा अध्यक्ष डॉ. अनुराधा गुप्ता ने परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिन कॉलेजों में कैमरे नहीं चलेंगे उन पर 20 हजार का जुर्माना लगाने के विश्वविद्यालय के निर्णय से कॉलेज संचालक और नकल माफिया खुश हैं। अब वो फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथ जैसे बड़े पेपरों में कैमरे बंद रखकर खुलकर नकल कराएंगे। इसके एवज में छात्रों से धन वसूली करेंगे और शाम को विश्वविद्यालय में आकर 20 हजार जमा करा देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने नकल माफिया और सीसीटीवी बंद रखने वाले केंद्रों को नकल की खुली छूट दे दी है। जुर्माना लगाकर नकल को भी लीगलाइज किया जा रहा है।​​​​​​​

विश्वविद्यालयों ने दो दिन पहले सीसीटीवी कैमरे को कंट्रोल रूम से लिंक न कराने वाले 21 कॉलेजों पर 20-20 हजार रुपए के हिसाब से जुर्माना लगाया है। इन सभी कॉलेजों ने लगातार तीन दिन अपने सीसीटीसी कैमरे चालू नहीं किए थे। ऐसे में उन पर जुर्माना लगाया गया है। मगर, विश्वविद्यालय ने कॉलेजों के नाम जारी नहीं किए हैं, किन कॉलेजों पर जुर्माना लगाया गया है।

औटा पदाधिकारियों ने केंद्र बनाने में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि केंद्रों की धांधली पर एक चार सदस्यीय कमेटी बनाने की बात परीक्षा समिति की बैठक में कही गई थी। मगर परीक्षा समिति के मिनट में इस बिंदु को हटा दिया गया।