Agra News: दरोगा के निलंबन के पांच मिनट बाद ही हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, चार महीने से था फरार

लोहामंडी क्षेत्र में घर में घुसकर हमले के आरोपी को पुलिस चार महीने से नहीं पकड़ सकी थी। मंगलवार को जब एसएसपी ने चौकी प्रभारी को निलंबित किया तो पांच मिनट बाद ही हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर लिया गया।

आगरा के थाना लोहामंडी में दर्ज मुकदमे का आरोपी हिस्ट्रीशीटर अली शेर चार महीने से फरार चल रहा था। पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। मंगलवार को अपराध समीक्षा बैठक में एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पहले नाराजगी जाहिर की, बाद में दरोगा को निलंबित कर दिया। इसके पांच मिनट बाद ही पुलिस ने एक्शन लिया। आरोपी को घर से ही गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेज दिया गया।

मामले में ताज अहमद ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा कि 15 मई को भतीजा सद्दाम अपनी गाड़ी निकालकर बाजार जा रहा था। तभी मोहल्ले का औरंगजेब गाड़ी के सामने आ गया। दोनों में कहासुनी हो गई। उसके पक्ष में अलीशेर, लाला और जमशेद आदि भी आ गए। वह हाथों में लाठी और तलवार लेकर आए। उनकी मारपीट से सद्दाम और शकील को चोट लगी। उन्होंने घर में घुसकर हमला बोला। पुलिस ने बलवा, गालीगलौज और जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया।

हिस्ट्रीशीटर पर दर्ज हैं 25 से अधिक मुकदमे 

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अलीशेर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। पीड़ित ने एसएसपी प्रभाकर चौधरी से शिकायत की। बताया कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। चौकी प्रभारी की मिलीभगत के आरोप लगाए।

एसएसपी ने की अपराध समीक्षा बैठक 

मंगलवार को एसएसपी ने अपराध समीक्षा बैठक की थी। इसमें चौकी प्रभारी मोती कुंज गौरव कुमार को हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी नहीं कर पाने के मामले में निलंबित कर दिया गया। उधर, एसएसपी के एक्शन के बाद थाना पुलिस भी तेजी में आ गई। कुछ ही देर में पुलिस ने अलीशेर को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश कर दिया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि दरोगा की शिकायत मिली थी। हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार नहीं किया गया था। इस पर दरोगा को निलंबित किया गया है। विभागीय जांच भी कराई जा रही है।

क्षेत्र में रही चर्चा

हिस्ट्रीशीटर अली शेर की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में चर्चा हो गई। पुलिस आरोपी को बमुश्किल गिरफ्तार करके लाई थी। लोगों ने उसके पकड़े जाने के बाद थाने पहुंचकर भी जानकारी ली। कुछ लोगों को फोन करके भी पता किया। आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी उसे गिरफ्तार नहीं कर रहे थे।