इलाहाबाद हाई कोर्ट और लखनऊ बेंच में तैनात करीब 900 सरकारी वकीलों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त

उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कानूनी विभाग में बंपर बर्खास्तगी की है। इलाहाबाद हाई कोर्ट और लखनऊ बेंच में तैनात करीब 900 सरकारी वकीलों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर इनकी जगह नए वकीलों की तैनाती कर दी गई है। जिन 900 सरकारी वकीलों को हटाया गया है उनमें 505 वकील इलाहाबाद में और 336 वकील लखनऊ बेंच के हैं। सरकार की इस कार्रवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर लखनऊ खंडपीठ तक के वकीलों में हाहाकार मचा हुआ है।

इसमें अपर महाधिवक्ता से लेकर ब्रीफ होल्डर तक शामिल हैं। 900 सरकारी वकीलों को हटाने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए सरकार का पक्ष रखने के लिए 366 नए वकीलों को नियुक्त किया है। इसके साथ हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सरकार का कार्य देखने के लिए 220 अधिवक्ताओं की तैनाती की गई है।

आदेश के मुताबिक, इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपर महाधिवक्ता विनोद कांत को भी हटा दिया गया है। साथ ही प्रधान पीठ प्रयागराज में 26 अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता हटा दिए गए हैं। इतना ही नहीं, 179 स्थाई अधिवक्ताओं की भी छुट्टी हो गई है, जबकि 111 ब्रीफ होल्डर सिविल की सेवाएं समाप्त हुई हैं। 141 ब्रीफ होल्डर हटाए गए 144 आदेश गया है भी हट बेटा दिए क्रिमिनल साइड के 141 ब्रीफ होल्डर हटाए गए, जबकि 47 अपर शासकीय अधिवक्ताओं की भी छुट्टी हुई है। वहीं लखनऊ बेंच के दो चीफ स्टैंडिंग काउंसिल की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही 33 एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट भी हटा दिए गए हैं। लखनऊ बेंच के क्रिमिनल साइड के 66 ब्रीफ होल्डर को भी हटा दिया गया है। इसके अलावा, 176 सिविल ब्रीफ होल्डर को तत्काल प्रभाव से हटाया गया है।