ये कैसा समाधान दिवस: मोबाइल में मगन रहे अधिकारी, हाथ जोड़ खड़े रहे फरियादी, केवल छह का निस्तारण

सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर 165 शिकायतें आई, लेकिन निस्तारण सिर्फ छह का हुआ। समाधान दिवस के दौरान ज्यादातर अधिकारी मोबाइल में व्यस्त रहे।

आगरा में संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारी मोबाइल देखते रहे और फरियादी हाथ जोड़ खड़े रहे। पीड़ा बताने के बाद भी उनकी समस्याएं दूर नहीं हो सकीं। शनिवार को सदर तहसील में 165 शिकायतें आईं, केवल छह का ही निस्तारण हो सका। 159 फरियादी मायूस होकर लौट गए।

शहीद नगर के शराफत अली (72) की पेंशन एक साल से बंद है। पांचवीं बार शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन उन्हें अगली तारीख मिली। शास्त्रीपुरम निवासी अजय कुमार किराये के मकान में रहते हैं। उन्होंने बताया कि पांच साल से आवास के लिए भटक रहा हूं। कोई सुनवाई नहीं होती। भीमनगरी निवासी पूजा भी डूडा से आवास के लिए चक्कर लगा रही हैं। अकोला निवासी रामवीर सिंह ने बताया कि मनरेगा में मजदूरी के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। छह महीने से भटक रहा हूं।

कुसुम विहार, लकावली निवासी मुन्नी देवी ने बताया कि एक साल से बिजली कनेक्शन नहीं मिल रहा। टोरंट पावर में फीस जमा कर चुकी हूं। 165 में से 159 शिकायतों का समाधान नहीं हो सका। इनके समाधान के लिए सात दिन का समय दिया गया है।

नहीं पहुंचे 17 अधिकारी

संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को 17 अधिकारी नहीं पहुंचे। कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है। इनमें बाल विकास परियोजना, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, एडीए के सहायक अभियंता, समाज कल्याण के अधिकारी आदि शामिल हैं।

मोबाइल पर लगाएंगे रोक

सदर तहसील के एसडीएम दीपक कुमार पाल ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान मोबाइल देखते रहने, गेम खेलने आदि पर रोक लगाएंगे। किसी फरियादी को हाथ जोड़ने की जरूरत नहीं हैं। सभी लोग बराबर हैं। अगले समाधान दिवस में इसका अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे।

 इन शिकायतों का निस्तारण

बिचपुरी, पचगई खेड़ा और मनोहर पुर निवासी राजेश कुमार, मनोरमा देवी और हरीश बाबू को राष्ट्रीय पारिवारिक योजना का लाभ दिलाया गया। दो लोगों के ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र मौके पर जारी कराए। अमरपुरा निवासी रामवती को विधवा पेंशन का लाभ दिलाया गया।

शिकायतों का ब्योरा

– राजस्व विभाग: 68
– पुलिस विभाग: 28
– पीओ डूडा: 22
– नगर निगम: 12
– विकास खंड: 08
– विद्युत विभाग: 06
– विकास प्राधिकरण: 05
– पीडब्ल्यूडी: 03
– सिंचाई विभाग: 04
– शिक्षा विभाग: 03