थाना पुलिस ने छात्र पर लिखा बिना जांच मुकदमा:​​​​​​​ आईजी के आदेश पर एसपी सिटी ने की जांच, छात्र को क्लीन चिट, थाना पुलिस की होगी जांच

आगरा थाने की शाहगंज पुलिस पर युवक के खिलाफ फर्जी केस लिखने का आरोप लगा है. पुलिस ने पड़ोस में रहने वाली एक महिला द्वारा नाबालिग बेटी से छेड़खानी की शिकायत पर बीए की छात्रा पर छेड़छाड़ व पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. आईजी निचिकेता झा के निर्देश पर एसपी सिटी की जांच में युवक निर्दोष पाया गया.

जानकारी के अनुसार शाहगंज थाना अंतर्गत बरवाली गली निवासी एक महिला ने अपने पड़ोस में रहने वाले 20 वर्षीय युवक के खिलाफ 12 जुलाई को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.

महिला ने आरोप लगाया था कि पड़ोसी युवक उसकी बड़ी बेटी के साथ कई सालों तक दुष्कर्म करता रहा और अचानक 12 जुलाई को वह उनके घर में घुस गया और बेटी को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की. दरवाजा बंद करने पर उसने लात मारकर दरवाजा तोड़ने की कोशिश की और बेटी को साथ नहीं भेजने पर गोली मारने की धमकी देकर चला गया। युवक के अहंकार के चलते मोहल्ले का कोई भी व्यक्ति गवाही नहीं देगा।

पूरे मामले पर थाना शाहगंज एसओ जसवीर सिरोही ने आरोपी युवक की गिरफ्तारी के लिए धारा 354 छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छापेमारी शुरू कर दी है.

16 अगस्त को पीड़ित युवक के परिजनों ने मुख्यमंत्री पोर्टल व आईजी निचिकेता झा से शिकायत कर जांच की अपील की थी. आईजी निचिकेता झा ने एसपी सिटी विकास कुमार को गोपनीय जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.

आरटीआई से मिली जानकारी में एसपी प्रोटोकॉल नोडल अधिकारी जन सूचना ने जवाब दिया. जवाब में मिली रिपोर्ट की कॉपी में एसपी सिटी ने बताया है कि केस लिखने वाली महिला का आचरण अच्छा नहीं है. महिला पहले भी इसी तरह की शिकायत देकर कई और लोगों को धमका चुकी है और बाद में घर बसा लेती है। जांच में दोनों पक्षों के बयान, स्थानीय लोगों की गवाही और स्वतंत्र आम लोगों के बयान लेने के बाद एसपी सिटी विकास कुमार ने उन्हें छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट जैसी किसी घटना का दोषी नहीं पाया है.

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करने से आला अधिकारी नाराज हैं। सूत्रों की माने तो थाना प्रभारी से भी पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.