आगरा समाचार: लंबे समय से सड़क किनारे पड़ा है स्ट्रीट लाइट का जाल, पार्षदों ने नगर निगम में किया हंगामा

आजमपाड़ा व खवासपुरा वार्ड के पार्षदों ने नगर आयुक्त कक्ष के बाहर धरना दिया. नई स्ट्रीट लाइट भी नहीं लग रही, गुरुवार को भी धरना देंगे साढ़े सात हजार लाइटें खराब हैं। निगम में प्रतिदिन 100 से अधिक शिकायतें पहुंचती हैं।

नगर निगम के इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल विभाग के अधिकारियों की लापरवाही आजमपाड़ा व ख्वासपुरा वार्ड के लोगों पर भारी पड़ रही है. दोनों क्षेत्रों में एक माह से 80 स्ट्रीट लाइट खराब हैं। चार-पांच बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन लाइटें ठीक नहीं की गई हैं। नई लाइटें भी काम नहीं कर रही हैं। इससे नाराज दोनों वार्डों के पार्षदों ने बुधवार दोपहर दो बजे नगर आयुक्त कक्ष के बाहर हंगामा किया. चार घंटे तक धरना दिया। गुरुवार को पार्षद धरना भी देंगे।

नगर निगम के 100 वार्डों में साढ़े 55 हजार स्ट्रीट लाइट हैं। इसमें साढ़े सात हजार लाइटें खराब हैं। निगम में प्रतिदिन 100 से अधिक शिकायतें पहुंचती हैं। आजमपाड़ा व खवासपुरा वार्ड में एक माह से लाइटों की मरम्मत नहीं हो रही है. बुधवार दोपहर दो बजे पार्षद राहुल चौधरी और जरीना बेगम निगम पहुंचे। नगर आयुक्त ने कमरे के बाहर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए. शाम छह बजे तक धरना प्रदर्शन किया।

पार्षद राहुल चौधरी ने बताया कि नई स्ट्रीट लाइट की फाइल को मंजूरी मिल गई है. इसके बाद भी लाइट नहीं आ रही है। पुरानी लाइटों को ठीक करने में देरी हो रही है। इससे जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी अधिकारी ने ज्ञापन तक नहीं लिया. पार्षद जरीना बेगम ने कहा कि जनता रोशनी के बारे में सवाल पूछती है। जिसका कोई जवाब नहीं है। अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र यादव ने बताया कि पार्षदों की शिकायतें मिली हैं. समस्या की मांग की गई है।

जनकपुरी में लगीं सैकड़ाें लाइटें

उत्तर भारत की प्रमुख रामलीला आयोजन में इस बार जनकपुरी दयालबाग में सजी है। इसके लिए नगर निगम ने क्षेत्र में तमाम स्ट्रीट लाइटें लगवायी हैं।