आगरा मेट्रो : आगरा के पुराने शहर में शुरू होने जा रहा है सर्वे, टीम पूछेगी कितने साल पहले बना था घर

आगरा मेट्रो UPMRC की टीम घर के निर्माण और बोरवेल की गहराई से संबंधित सवाल पूछेगी. जामा मस्जिद और एसएन मेडिकल कॉलेज के आसपास होगा सर्वे मेट्रो ट्रैक के 50 मीटर के दायरे में आने वाली इमारतों को शामिल किया जाएगा। दुकानों व भवनों का होगा डाटा तैयार, उपकरण लगेंगे

यदि आप जामा मस्जिद या एसएन मेडिकल कॉलेज के पीछे रहते हैं, तो बोरवेल की गहराई, कमरों की संख्या और कितने साल पहले घर बनाया गया था, जैसे सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हो जाइए। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) की टीम किसी भी दिन पहुंच सकती है। यह जानकारी देनी होगी। इसके आधार पर मेट्रो ट्रैक के 50 मीटर के दायरे में रहने वाले भवन मालिकों का डाटा तैयार किया जाएगा। साथ ही उपकरण भी लगाए जाएंगे। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि सर्वे एक महीने तक चलेगा.

इसलिए पड़ी जरूरत

यूपीएमआरसी की टीम नवंबर से तीन अंडरग्राउंड स्टेशनों की खुदाई शुरू करेगी। पहले चरण में दो टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी शुरुआत रामलीला मैदान के पास से होगी। दो अन्य मशीनों का उपयोग दिसंबर से शुरू हो जाएगा। टनल बोरिंग मशीन के खोदने से कोई नुकसान नहीं होगा। इसी के आधार पर यूपीएमआरसी की टीम सर्वे कर रही है.

प्राथमिकता वाले कारिडोर में हैं शामिल

मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर छह किमी लंबा है। यह ताज ईस्ट गेट से जामा मस्जिद स्टेशन तक है। इसमें तीन एलिवेटेड और तीन अंडरग्राउंड स्टेशन हैं। यूपीएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि अंडरग्राउंड स्टेशनों की जांच के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा. आगरा मेट्रो में कुल सात भूमिगत स्टेशन हैं। ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा तक पहला कॉरिडोर 14 किमी लंबा है।

आगरा कालेज स्टेशन पर बनेंगे दोनों ट्रैक

एमजी रोड स्थित आगरा कालेज स्टेशन पर पहला और दूसरा कारिडोर मिलेगा। इसी जंक्शन पर यात्री एक से दूसरे ट्रैक की मेट्रो को पकड़ सकेंगे।